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स्प्लिट स्क्वाट: स्टैटिक लंज का फॉर्म और मसल्स
स्प्लिट स्क्वाट, जिसे अक्सर स्टैटिक लंज कहा जाता है, में पैर आगे-पीछे एक तय स्टांस में रहते हैं और हर रेप में वहीं टिके रहते हैं। वॉकिंग या फॉरवर्ड लंज में ऐसा नहीं होता।
बिगिनरबिना इक्विपमेंट
- लेवल
- बिगिनर
- टाइप
- कंपाउंड · पहले एक साइड, फिर दूसरी
- सेट × रेप्स
- 3 × 10-12 रेप्स हर साइड
स्प्लिट स्क्वाटमुख्यसहायक
0रेप्स
कैसे करें
- एक पैर आगे और एक पीछे रखकर लंबा, स्थिर स्टांस बनाएँ।
- पीछे की एड़ी उठाएँ, वज़न पीछे के पंजे के अगले हिस्से पर।
- धड़ सीधा रखें, आगे की पिंडली लगभग सीधी खड़ी।
- दोनों घुटने मोड़कर पीछे वाले घुटने को ज़मीन की ओर लाएँ।
- आगे का घुटना पंजों की दिशा में रखें।
- पैर हिलाए बिना आगे के पैर से ज़ोर लगाकर वापस ऊपर आएँ।


कोच के टिप्स
- लंबा स्टांस, पीछे की एड़ी उठी हुई।
- धड़ सीधा, आगे की पिंडली खड़ी।
- पीछे का घुटना लगभग ज़मीन छूने तक नीचे।
- आगे के पैर से ज़ोर लगाकर ऊपर आएँ।
साँस: पीछे वाला घुटना नीचे ले जाते समय साँस लें, आगे के पैर से ज़ोर लगाकर ऊपर आते समय साँस छोड़ें।
आम गलतियाँ
गलतीस्टांस छोटा, घुटना पंजों से बहुत आगे निकलता है
सुधारस्टांस लंबा करें ताकि घुटना टखने के ऊपर रहे
गलतीधड़ बहुत आगे झुका देना
सुधारछाती ऊपर और पसलियाँ हिप के ऊपर रखें
गलतीरेप्स के बीच पैरों की जगह बदलना
सुधारपूरे सेट में दोनों पैर एक ही जगह टिकाए रखें
गलतीआगे का घुटना अंदर गिरना
सुधारनीचे जाते समय घुटने को पंजों की सीध में बाहर दबाएँ
गलतीनीचे से उछलकर ऊपर आना
सुधारकंट्रोल से नीचे जाएँ और खड़े होने से पहले एक पल रुकें
आसान बनाएँ / मुश्किल बनाएँ
आसान बनाएँरेंज छोटी रखें, या बैलेंस के लिए दीवार या कुर्सी हल्के से पकड़ें।
मुश्किल बनाएँडम्बल्स पकड़ें, नीचे दो सेकंड रुकें, या पीछे वाला पैर बेंच पर रखें।
लक्ष्य के हिसाब से सेट और रेप्स
| लक्ष्य | सेट | रेप्स | आराम |
|---|---|---|---|
| स्ट्रेंथ | 4–5 | 3–6 | 2–4 min |
| मसल ग्रोथ | 3–4 | 6–12 | 90–150 s |
| एंड्योरेंस | 2–3 | 15–25+ | 30–60 s |
इस एक्सरसाइज़ वाले वर्कआउट प्लान
और एक्सरसाइज़: लेग्स
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स्प्लिट स्क्वाट और लंज में क्या फर्क है?
स्प्लिट स्क्वाट में पूरे सेट के दौरान पैर एक ही जगह टिके रहते हैं, जबकि लंज (फॉरवर्ड, रिवर्स या वॉकिंग) में हर रेप में कदम बढ़ाया जाता है। दोनों लगभग एक जैसी मसल्स ट्रेन करते हैं, लेकिन स्प्लिट स्क्वाट में कदम बढ़ाने और बैलेंस की दिक्कत नहीं रहती।
स्टैटिक लंज क्या है?
स्टैटिक लंज स्प्लिट स्क्वाट का ही दूसरा नाम है: आगे-पीछे के एक तय स्टांस से किया जाने वाला एक पैर का स्क्वाट, जिसमें रेप्स के बीच स्टांस नहीं बदलता।
स्प्लिट स्क्वाट से कौन-सी मसल्स काम करती हैं?
स्प्लिट स्क्वाट मुख्य रूप से आगे वाले पैर के क्वाड्स और ग्लूट्स पर काम करता है। हैमस्ट्रिंग और अंदरूनी जांघ के एडक्टर्स हिप पर मदद करते हैं और पीछे वाला पैर बैलेंस देता है।
यह सामान्य फ़िटनेस जानकारी है, मेडिकल सलाह नहीं। अगर आपको कोई बीमारी या चोट है या आप प्रेग्नेंट हैं, तो शुरू करने से पहले डॉक्टर या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। सीने में दर्द, चक्कर या तेज़ दर्द हो तो तुरंत रुक जाएँ।









