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अपराइट रो: ट्रैप्स और साइड डेल्ट्स साथ में बनाएँ

बार को शरीर के साथ सीधा ऊपर खींचने से एक ही मूवमेंट में साइड डेल्ट्स और ट्रैप्स ट्रेन होते हैं, हालाँकि यहाँ ग्रिप की चौड़ाई लगभग किसी भी और लिफ्ट से ज़्यादा मायने रखती है।

इंटरमीडिएटबारबेल
लेवल
इंटरमीडिएट
टाइप
कंपाउंड · दोनों साइड एक साथ
सेट × रेप्स
3 × 10-12 रेप्स
अपराइट रो: अंत
अपराइट रोमुख्यसहायक
कोच को घुमाने के लिए ड्रैग करें
0रेप्स
 टेम्पो —

कैसे करें

  1. बार को कंधों की चौड़ाई या थोड़ा चौड़ा पकड़ें।
  2. सीधे खड़े हों, बार जांघों से टिका हुआ।
  3. कोहनियों से लीड करते हुए बार को धड़ के साथ सीधा ऊपर खींचें।
  4. पूरे समय बार शरीर के पास रखें।
  5. लगभग चेस्ट की ऊँचाई पर रुकें, कोहनियाँ लगभग कंधों के लेवल पर।
  6. कंट्रोल से वापस जांघों तक लाएँ।
अपराइट रो — शुरुआत
शुरुआत
अपराइट रो — अंत
अंत

कोच के टिप्स

  • कंधों की चौड़ाई या थोड़ा चौड़ा पकड़ें।
  • सीधा ऊपर खींचें, कोहनियों से लीड करें।
  • लगभग चेस्ट की ऊँचाई पर रुकें।
  • कंट्रोल से नीचे, हिप्स न झुलाएँ।

साँस: बार ऊपर खींचते समय साँस छोड़ें, वापस जांघों तक लाते समय साँस अंदर लें।

आम गलतियाँ

गलतीबहुत पतली ग्रिप
सुधारहाथ कंधों की चौड़ाई या उससे ज़्यादा चौड़े करें
गलतीबार को ठुड्डी तक खींचना
सुधारचेस्ट की ऊँचाई के आसपास रुकें, कोहनियाँ कंधों के लेवल के पास
गलतीबार उछालने के लिए हिप्स झुलाना
सुधारधड़ स्थिर रखें और हाथों व कंधों से खींचें
गलतीबार का शरीर से दूर जाना
सुधारबार पास रखें, ऊपर जाते हुए धड़ को छूता हुआ
गलतीकंधे आराम से जितना संभालें उससे भारी
सुधारऊपर कोई चुभन महसूस हो तो वज़न कम करें

आसान बनाएँ / मुश्किल बनाएँ

आसान बनाएँचौड़ी ग्रिप और हल्का वज़न लें, या कंधे तंग लगें तो लेटरल रेज़ करें।
मुश्किल बनाएँहर रेप के ऊपर थोड़ा रुकें, या फॉर्म पक्का होने पर वज़न छोटे स्टेप में बढ़ाएँ।

लक्ष्य के हिसाब से सेट और रेप्स

लक्ष्यसेटरेप्सआराम
स्ट्रेंथ3–53–62–4 min
मसल ग्रोथ3–46–1290–150 s
एंड्योरेंस2–315–2030–60 s

लोग ये भी पूछते हैं

क्या अपराइट रो कंधों के लिए खराब है?
अपने आप में नहीं — पतली ग्रिप से ठुड्डी तक खींचने वाला वर्ज़न कंधों की तकलीफ से सबसे ज़्यादा जुड़ा है। चौड़ी ग्रिप और चेस्ट की ऊँचाई तक खींचना आमतौर पर काफी आरामदायक होता है।
अपराइट रो से कौन सी मसल्स काम करती हैं?
मुख्य रूप से साइड डेल्ट्स और ट्रैप्स, फ्रंट डेल्ट्स और बाइसेप्स कोहनी मोड़ने और खिंचाव शुरू करने में मदद करते हैं।
अपराइट रो में ग्रिप कितनी चौड़ी होनी चाहिए?
लगभग कंधों की चौड़ाई या थोड़ी ज़्यादा। पतली ग्रिप कोहनियों को ज़्यादा ऊँचा और शरीर के बीच के करीब ले जाती है, जो अक्सर कंधे के जोड़ के लिए कम आरामदायक होता है।

यह सामान्य फ़िटनेस जानकारी है, मेडिकल सलाह नहीं। अगर आपको कोई बीमारी या चोट है या आप प्रेग्नेंट हैं, तो शुरू करने से पहले डॉक्टर या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। सीने में दर्द, चक्कर या तेज़ दर्द हो तो तुरंत रुक जाएँ।

भाषा

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