Formaby CodingMarble

ग्लूट्स · घर पर, बिना इक्विपमेंट

ग्लूट ब्रिज: ग्लूट्स ट्रेन करने का सबसे आसान तरीका

ग्लूट ब्रिज ज़मीन पर होने वाली ऐसी एक्सरसाइज़ है जिसे कोई भी आज से शुरू कर सकता है: लेटें, हिप ऊपर धकेलें और स्क्वीज़ करें। यह ग्लूट्स में असली ताकत बनाती है और स्क्वाट या डेडलिफ्ट से पहले वार्म-अप का काम भी करती है।

मुख्य
ग्लूट्स
लेवल
बिगिनर
टाइप
कंपाउंड · दोनों साइड एक साथ
सेट × रेप्स
3 × 12-15 रेप्स
ग्लूट ब्रिज: अंत
ग्लूट ब्रिजमुख्यसहायक
कोच को घुमाने के लिए ड्रैग करें
0रेप्स
 टेम्पो —

कैसे करें

  1. पीठ के बल लेटें, घुटने मुड़े, पैर सपाट और हिप-चौड़ाई पर।
  2. कोर टाइट करें और एड़ियों से ज़मीन दबाएँ।
  3. हिप तब तक ऊपर धकेलें जब तक कंधों से घुटनों तक शरीर सीधी लाइन में न हो।
  4. ऊपर एक पल ग्लूट्स ज़ोर से स्क्वीज़ करें।
  5. कंट्रोल से वापस ज़मीन पर नीचे आएँ।
  6. रेंज बढ़ाने के लिए लोअर बैक मोड़े बिना दोहराएँ।
ग्लूट ब्रिज — शुरुआत
शुरुआत
ग्लूट ब्रिज — अंत
अंत

कोच के टिप्स

  • पैर सपाट, एड़ियाँ उँगलियों के पास।
  • एड़ियों से ज़ोर लगाएँ।
  • ग्लूट्स स्क्वीज़ करें, कमर नहीं।
  • सीधी लाइन पर रुकें, होल्ड करें, फिर नीचे।

साँस: हिप उठाते और स्क्वीज़ करते समय साँस छोड़ें, वापस नीचे आते समय साँस लें।

आम गलतियाँ

गलतीज़्यादा ऊपर जाने के लिए लोअर बैक मोड़ना
सुधारजहाँ शरीर सीधी लाइन में हो, वहीं रुकें
गलतीपैर शरीर से बहुत दूर रखना
सुधारएड़ियाँ इतनी पास रखें कि उँगलियों से छू सकें
गलतीऊपर स्क्वीज़ किए बिना जल्दी रेप करना
सुधारऊपर पूरा एक सेकंड रुककर ग्लूट्स स्क्वीज़ करें
गलतीपंजों से धकेलना
सुधारएड़ियों से ज़ोर लगाएँ, पंजे हल्के रखें
गलतीघुटनों को अंदर गिरने देना
सुधारघुटने पैरों की सीध में, हिप-चौड़ाई पर रखें

आसान बनाएँ / मुश्किल बनाएँ

आसान बनाएँरेंज थोड़ी कम करें, या भरोसा आने तक ऊपर कम देर होल्ड करें।
मुश्किल बनाएँमार्च या पल्स जोड़ें, घुटनों के ऊपर रेज़िस्टेंस बैंड लगाएँ, या सिंगल-लेग ग्लूट ब्रिज पर जाएँ।

लक्ष्य के हिसाब से सेट और रेप्स

लक्ष्यसेटरेप्सआराम
स्ट्रेंथ4–53–62–4 min
मसल ग्रोथ3–46–1290–150 s
एंड्योरेंस2–315–25+30–60 s

लोग ये भी पूछते हैं

ग्लूट ब्रिज सही तरीके से कैसे करें?
पीठ के बल लेटकर घुटने मोड़ें और पैर सपाट रखें, फिर ग्लूट्स स्क्वीज़ करते हुए हिप तब तक ऊपर धकेलें जब तक कंधों से घुटनों तक शरीर सीधी लाइन में न हो जाए।
ग्लूट ब्रिज से कौन-सी मसल्स काम करती हैं?
मुख्य रूप से ग्लूट्स, और साथ में हैमस्ट्रिंग, लोअर बैक और एब्स मदद करते हैं, जो उठाते समय रीढ़ और पेल्विस को स्थिर रखते हैं।
क्या ग्लूट ब्रिज और हिप थ्रस्ट एक ही हैं?
नहीं। ग्लूट ब्रिज ज़मीन पर छोटी रेंज में होता है, जबकि हिप थ्रस्ट में ऊपरी पीठ बेंच पर रहती है, जिससे रेंज लंबी होती है और ज़्यादा वज़न लिया जा सकता है।

यह सामान्य फ़िटनेस जानकारी है, मेडिकल सलाह नहीं। अगर आपको कोई बीमारी या चोट है या आप प्रेग्नेंट हैं, तो शुरू करने से पहले डॉक्टर या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। सीने में दर्द, चक्कर या तेज़ दर्द हो तो तुरंत रुक जाएँ।

भाषा

पेज की भाषा

कोच की आवाज़

कोच पेज से अलग भाषा में भी बोल सकता है।