बैक · जिम
बारबेल रो: बेंट-ओवर रो से मोटी बैक बनाएँ
झुककर किया जाने वाला पुलिंग एक्सरसाइज़ जिसमें लोडेड बारबेल को धड़ की तरफ खींचा जाता है, बैक की मोटाई बनाने के सबसे असरदार तरीकों में से एक। यहाँ हिप हिंज सेटअप और खींचने की तकनीक है जो इसे सुरक्षित और फायदेमंद रखती है।
इंटरमीडिएटबारबेल
- लेवल
- इंटरमीडिएट
- टाइप
- कंपाउंड · दोनों साइड एक साथ
- सेट × रेप्स
- 4 × 6-10 रेप्स
बेंट-ओवर बारबेल रोमुख्यसहायक
0रेप्स
कैसे करें
- पैर हिप्स की चौड़ाई पर रखें, बार को पैरों के ठीक बाहर पकड़ें।
- हिप्स से लगभग 45° आगे झुकें, पीठ सपाट और न्यूट्रल।
- नीचे बार को सीधे हाथों में लटकने दें।
- कोहनियों को पीछे और ऊपर खींचें, धड़ से आगे तक।
- ऊपर शोल्डर ब्लेड्स को निचोड़कर मिलाएँ।
- बार को कंट्रोल से वापस पूरा नीचे लटकने तक लाएँ।


कोच के टिप्स
- आगे झुकें, पीठ सपाट और टाइट।
- शुरुआत में बार सीधे हाथों में लटके।
- कोहनियाँ पीछे खींचें, शोल्डर ब्लेड्स निचोड़ें।
- कंट्रोल से नीचे लाएँ, झूलें नहीं।
साँस: बार को धड़ तक खींचते समय साँस छोड़ें, नीचे लाते समय साँस अंदर लें।
आम गलतियाँ
गलतीखींचते समय लोअर बैक गोल हो जाती है
सुधारवज़न कम करें और पीठ फिर से सपाट, न्यूट्रल करें
गलतीहिप्स के झटके से बार उछालना
सुधारबैक मसल्स से खींचें, हिप्स स्थिर रखें
गलतीबहुत सीधे खड़े, श्रग जैसा बन जाता है
सुधारलगभग 45° तक झुकें ताकि लैट्स काम करें
गलतीसिर्फ कोहनियाँ मोड़ना, शोल्डर ब्लेड्स नहीं खींचना
सुधारकोहनियाँ पीछे ले जाएँ और शोल्डर ब्लेड्स निचोड़ें
गलतीबार शरीर से दूर चला जाता है
सुधारइसे पास रखें, ऊपर जाते समय पैरों को छूता हुआ
आसान बनाएँ / मुश्किल बनाएँ
आसान बनाएँलोअर बैक पर कम ज़ोर के लिए चेस्ट-सपोर्टेड रो करें या हल्का वज़न लें।
मुश्किल बनाएँवज़न छोटे स्टेप में बढ़ाएँ, अंडरहैंड ग्रिप लें, या हर रेप में ऊपर रुकें।
लक्ष्य के हिसाब से सेट और रेप्स
| लक्ष्य | सेट | रेप्स | आराम |
|---|---|---|---|
| स्ट्रेंथ | 3–5 | 3–6 | 2–4 min |
| मसल ग्रोथ | 3–4 | 6–12 | 90–150 s |
| एंड्योरेंस | 2–3 | 15–20 | 30–60 s |
विकल्प
इस एक्सरसाइज़ वाले वर्कआउट प्लान
मसल बनाना · इंटरमीडिएट
पुश पुल लेग्स स्प्लिट (6 दिन)
6दिन हफ़्ते में60मिनट हर सेशन
स्ट्रेंथ · इंटरमीडिएट
अपर/लोअर स्प्लिट (4 दिन)
4दिन हफ़्ते में60मिनट हर सेशन
मसल बनाना · इंटरमीडिएट
4 दिन का मसल बिल्डिंग वर्कआउट प्लान
4दिन हफ़्ते में65मिनट हर सेशन
मसल बनाना · इंटरमीडिएट
5 दिन का बॉडी-पार्ट स्प्लिट (ब्रो स्प्लिट)
5दिन हफ़्ते में60मिनट हर सेशन
स्ट्रेंथ · इंटरमीडिएट
5×5 स्ट्रेंथ प्रोग्राम
3दिन हफ़्ते में50मिनट हर सेशन
मसल बनाना · इंटरमीडिएट
बैक और बाइसेप्स वर्कआउट
1दिन हफ़्ते में55मिनट हर सेशन
लोग ये भी पूछते हैं
बारबेल रो से कौन सी मसल्स काम करती हैं?
मुख्य रूप से लैट्स और अपर बैक, बाइसेप्स और रियर डेल्ट्स खींचने में मदद करते हैं, और लोअर बैक व कोर झुकी हुई पोज़िशन को स्थिर रखते हैं।
क्या बेंट-ओवर बारबेल रो खतरनाक है?
ज़्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए यह सुरक्षित है जब धड़ का झुकाव और पीठ की पोज़िशन सही वज़न के साथ कंट्रोल में हो। ज़्यादातर चोटें भारी लोड में पीठ गोल होने से होती हैं, एक्सरसाइज़ से नहीं।
बारबेल रो या डम्बल रो: कौन बेहतर है?
बारबेल रो में ज़्यादा वज़न लगता है और दोनों साइड साथ ट्रेन होती हैं; डम्बल रो, खासकर बेंच के सहारे, लोअर बैक पर कम ज़ोर डालता है और हर साइड पर अलग ध्यान देने देता है। दोनों काम के हैं।
यह सामान्य फ़िटनेस जानकारी है, मेडिकल सलाह नहीं। अगर आपको कोई बीमारी या चोट है या आप प्रेग्नेंट हैं, तो शुरू करने से पहले डॉक्टर या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से सलाह लें। सीने में दर्द, चक्कर या तेज़ दर्द हो तो तुरंत रुक जाएँ।










